ये तुम्हारा इश्क मुझे ले डूबता
लेकिन मैंने बना ली नईया
तुम्हारे नाम की ||

प्रिया मिश्रा :)
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भगवान् ने इंसानियत के चार भाग किये
पहला भाग
जानवरो को गया
दूसरा परिंदो को
तीसरा पेड़ ले गए
चौथा जल को गया
इंसान पीछे खड़ा था
वो खाली हाथ ही रह गया ||
प्रिया मिश्रा
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मैं रात भर जग के तुम्हारा नाम लूँ
इससे अच्छा है, मैं नींद से धनवान रहूं
प्रिया मिश्रा
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