मैं तुम्हारे जीवन के उपन्यास में
 प्रथम अध्याय की तरह आना चाहती हूँ

अगर तुम कोइ कविता लिखो
तो मैं उसमे शब्दों में ढल जाना चाहती हूँ ||

मैं तुम्हारे जीवन के बरसात में
इन्द्रधनुष बन जाना चाहती हूँ ||

सुनो अगर लिखना ऐसा कोइ उपन्यास
या कोइ कविता
या बरसो कभी बादल बनके
तो बस इतना याद रखना
मैं हर वक़्त
हर घडी
तुम्हारे ख़यालो में डूब जाना चाहती हूँ

मैं तुम्हारे जीवन के उपन्यास में
प्रथम  अध्याय की तरह आना चाहती हूँ ||

प्रिया मिश्रा :)

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