हर बार युद्ध की मांग ना करो
रणचण्डी रक्त मांगती है

खुद दे सकते हो रक्त तो
आगे आवो

किसी और के सपूतो की बली न चढ़ावो
सैनिक भी किसी के सपूत है

यूँ युद्ध - युद्ध चिलाने से
समस्या का समाधान न होगा

कुछ शांति का प्रस्ताव ला सकते हो तो
 आगे आवो

वीरांगनाओ के सपूत हमेसा वीर ही हुए है
तुम बन्दुक उठावो तो
आगे आवो

रणचण्डी रक्त मांगती है
खुद दे सकते हो तो आगे आवो

यूँ युद्ध - युद्ध करके
किसी का सिंदूर न चुराओ

किसी  की राखी उदाश रह जाएगी
किसी भाई की बली ना चढ़ावो

रणचंडी रक्त मांगती है
खुद दे सकते हो तो आगे आवो

युद्ध समाधान नहीं
तांडव है
अगर शिव की जटाएँ  संभाल सकते हो तो
आगे आवो

यूँ युद्ध - युद्ध करके
किसी मासूम बेटे की बलि न चढ़ावो

तुम्हारा कुछ न जायेगा
महीनो तक सोसल मिडिया पर लहू जागेगा
फिर सो जायँगे सब

बस एक घर जाग रहा होगा
उस वीर सपूत का
अरे हाय लगेगी
तुम्हे उस माता की
इंसान हो राक्षस न बन जाओ

रणचंडी रक्त मांगती है
खुद दे सकते हो तो
आगे आवो ||

प्रिया मिश्रा :)

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