जो अच्छा हुआ उसे याद रखा
जो बुरा हुआ उसे भूल गए
सबको माफ़ किया और आगे बढ़ गए
इससे आगे जिंदगी बाकि ना रही
कुछ याद रहा , कुछ भूल गए ||

भूल गए की
कभी रोये थे
भूल गए की कभी
हारे थे
जिसने रुलाया उसे भूल गए
जिसने हसाया उसे याद रखा 
जिंदगी को कुछ इस तरह सजाया 
कुछ याद रहा कुछ भूल गए ||

पुराने दोस्तों को याद रखा
नए दोस्त बनाते चले गए
जो मिला प्यार से गले लगाया
सफर में आगे बढ़ते गए
सफर बना नई मंजिल
हर मंजिल से सबक  लेते चले गए
कुछ याद रहा कुछ भूल गए ||


याद रखा तो सिर्फ इतना
मैं कौन हूँ
मैं क्या हूँ
मेरी ताकत
मेरा ज़ज्बा
मेरी वजह से किसी के चेहरे की मुस्कराहट
और फिर मेरा मुस्कुराना
बाकि सब भूल गए ||

याद रखा तो बस इतना की
मैं जो हूँ वही हूँ
मेरी वज़ूद को कोइ और नहीं तराश सकता है
जितना मैं कर सकती हूँ
उतना करुँगी
मुझे कोइ और मेरे रास्ता नहीं दिखा सकता
मैं सूरज हूँ अपने गगन की
मुझे तुम दिए ना दिखावो
ये बिष से भरा घड़ा जाओ
कही और ले जाओ

मैंने सबकी नशीहते याद राखी
सबका उलाहना भुला दिया
मैंने  खुद को पाके
जिंदगी को जीना सीखा दिया
मैंने कुछ इस तरह से
कुछ याद रखा कुछ भुला दिया ||

प्रिया मिश्रा :)

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