ऐ मेरे दोस्त तू दोस्त ही रहना
जमाना  खराब है
और मौसम बदल रहा है
लोग बातें कर रहे है
की हर जगह की
कीचड़ सन गया है
तू सुन मेरे दोस्त
उन कीचड़ो में पैर मत रखना
कही तेरी - मेरी
दोस्ती में कोइ फफूँदी  ना आ जाये
तू दूर ही रहना
ऐ , मेरे दोस्त तू दोस्त ही रहना ||

प्रिया मिश्रा :)
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मैंने पहली बार जब तुमको देखा था
तब जाने क्यों ये ख्याल सा मन में बस गया
जीवन संगनी
तुम ही होगी
मैं ख्यालो में डूबा लिखता रहा
तू पढ़ती रही
तूने मेरे ख्याल को कितना सराहा था
लेकिन तुझे खबर भी थी
ये पंक्तिया मैंने तुझको समर्पित कर के लिखी थी दिल से
धक्का तो तब लगा मन को जब
तूने किसी और का हाथ थाम लिया
और मुझे अकेला छोड़ दिया
इतनी वफाई मैंने  दिखाई
लेकिन तुझे मेरी वफ़ा रास ना आई ||

प्रिया मिश्रा :)

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 जब भी कोइ मुस्कुराता है
कोइ मुखौटा वो जरूर लगता है
लेकिन करीबी लोग समझ ही जाते है
दोस्त इसी से तो पहचाना जाता है
मन में लेकिन सबके ये ख्याल
रह जाता है
कोइ अजनबी भी चेहरा पढ़ के
दिल ही दिल में
पूछ ही बैठता है
तुम यूँ जो मुस्कुरा रहे हो
कोइ ग़म है
या , सस्पेंस क्रिएट कर रहे हो ||

प्रिया मिश्रा :)
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अगर आपके पास भूख भी है और खाना भी तो आप सबसे खुसनसीब इंसान है ||
आगरा आपके पास नींद भी और बिस्तर भी तो आप सबसे खुसनसीब इंसान है ||
नजारो का होना महत्वपूर्ण नहीं है
नजरे भी होनी चाहिए पास में ||

प्रिया मिश्रा :)
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हम वक़्त को जानने के लिए उत्सुक नहीं होते
वक़्त हमें जानने के लिए उत्सुक होता है
इसलिए परीक्षाएँ लेता रहता है
ताकि टटोल सके
कही वो गलत तो नहीं ||

प्रिया मिश्रा
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माँ एक पूरी ब्रह्माण्ड है
उसके लिए शब्द नहीं चुना जा सकता
क्युकी ईश्वर को श्रद्धा के फूल अर्पित किये जाते है
उन्हें चढ़ावा नहीं दिया जा सकता ||

प्रिया मिश्रा :)

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