"आम"
आम एक शब्द नहीं
एक पूरी की पूरी
इंजिनयरिंग है भगवान् की
देखो कैसे फलता है
पहले मंजरियाँ आती है
दिखती नहीं जल्दी
जैसे हमें अपने जीवन में आने वाले बदलाव नहीं दीखते
ईश्वर का आशीर्वाद नहीं दीखता
फिर वो धीरे - धीरे बड़ी होती है
हमें भी धीरे - धीरे लगने लगता है
कोइ शक्ति है जो हमें जीना सीखा रही है
फिर फल बड़ा होता है
कच्चा सा ,
खट्टा सा ,
हम जिंदगी का स्वाद लेना सिख जाते है
फिर वो फल पकता है
हम मीठे का स्वाद ले मुस्कुराते है
फिर वो फल
एक दिन बीज बन के एक और पेड़ बनता है
हम भी पुरानी जिंदगी से
नए जिंदगी की और कदम बढ़ाते है
और फिर एक वृक्ष त्यार होता है
आम का
और एक नए जीवन का
एक स्वाद का
एक फल का
एक आशीर्वाद का
एक सुनहरा दिन
आम अपने आप में हमारा जीवन है
गौर से देखो
इसका फलना
एक चमत्कार है
हमारे जीवन की तरह ||
प्रिया मिश्रा :)
आम एक शब्द नहीं
एक पूरी की पूरी
इंजिनयरिंग है भगवान् की
देखो कैसे फलता है
पहले मंजरियाँ आती है
दिखती नहीं जल्दी
जैसे हमें अपने जीवन में आने वाले बदलाव नहीं दीखते
ईश्वर का आशीर्वाद नहीं दीखता
फिर वो धीरे - धीरे बड़ी होती है
हमें भी धीरे - धीरे लगने लगता है
कोइ शक्ति है जो हमें जीना सीखा रही है
फिर फल बड़ा होता है
कच्चा सा ,
खट्टा सा ,
हम जिंदगी का स्वाद लेना सिख जाते है
फिर वो फल पकता है
हम मीठे का स्वाद ले मुस्कुराते है
फिर वो फल
एक दिन बीज बन के एक और पेड़ बनता है
हम भी पुरानी जिंदगी से
नए जिंदगी की और कदम बढ़ाते है
और फिर एक वृक्ष त्यार होता है
आम का
और एक नए जीवन का
एक स्वाद का
एक फल का
एक आशीर्वाद का
एक सुनहरा दिन
आम अपने आप में हमारा जीवन है
गौर से देखो
इसका फलना
एक चमत्कार है
हमारे जीवन की तरह ||
प्रिया मिश्रा :)
Excellent
ReplyDeletethank you
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