लिखते लिखते जब थक जाओगे
तब तुम्हे पढ़ा जायेगा
इतना आसान नहीं है
अपने शब्दों में किसी को उतार लेना ||

लोग कोइ कलम नहीं है
ना उसमे भरी स्याही है
लोग तो बिचार है
एक मानसिकता है
इतना आसान नहीं है
किसी की मानसिकता का चित्रण कर पाना ||

प्रिया मिश्रा :)

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