जीवन बदला जा सकता है | अच्छी सोच और अच्छे कर्म के साथ ||


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मेरे जीवन में मैंने बहोत सारे बदलाव किये जिसने मेरी लाइफ को पूरी तरह से सकरात्मक बनाने में मेरी मदद की ||
१) मैंने अपनी समस्याओ को लिखना सुरु किया | उनका कारन ढूंढा | और एक - एक कर समाधान करने की कोसिस की | अधिकतर में सफलताएं मिली | लेकिन खुसी की बात ये है की | जीवन में बदलाव आये और सकरात्मक आये ||
२) मैंने रोज सुबह उठ के प्राथना करना सुरु किया ||
३) मैंने यूनिवर्स को मेरे पास जो भी कुछ है उसके लिए धन्यवाद देना शुरू किया ||
४) मैंने अपने पुराने दोस्तों से बात करनी शुरू की ||
५)मैंने अपनी हर समस्याओ को एक अवसर की तरह देखना सुरु किया || हर परिस्थिति कुछ न  कुछ सिखाती  सीखिए और आगे बढिये ||
६) मैंने रोज खुद की अच्छी आदतों को लिखना और उन्हें सराहना सुरु किया |
होता क्या है आपमें सौ गुण  हो और आपकी सौ लोग प्रसंसा करते हो लेकिन कोइ एक भी आपको अप्रिय कुछ बोल दे आप वो सौ बाते भूल कर उस एक नकारात्मक बात को दिल से लगा लेते हो | ऐसा कभी न करे | आप भगवान् के द्वारा बनाये गए है | और भगवान् कभी गलत चीजे नहीं बनाता ||
७) मैंने दुसरो को भी सराहना सुरु किया ||
८) मैंने लोगो के प्रति आभार प्रकट करना सुरु किया | गलतियों के लिए दुःख व्यक्त करना शुरू किया ||
ये कई आदते मैं  अपने जीवन में  ले आई | जिस से मेरी लाइफ पहले से जायदा अच्छी हो गयी है ||
९) सबसे अहम् बात पुराने वक़्त में ना जिए | वो गुजर चूका है | आज में जिए | कल का भी ना सोचे | बस अभी में जिए | आज में जिए | इसका मतलब ये नहीं की वक़्त का महत्वा न समझे | जरुरी सब है |
लेकिन जरुरी ये भी है | सब चीजे आप से जुडी है | पहले आप है फिर आपसे जुड़े लोग और फिर  आती है आपकी अपनी जरूरते ||
१०) जितना जायदा हो सके खुस रहे | अगर आपका दिमाग नहीं साथ दे रहा तो तो भी हसने का प्रयाश करे |
क्युकी दिमाग को आपका बॉडी देखता है और बॉडी को आपका  दिमाग | दोनों का ताल - मेल है | तो अगर आपका दिमाग हसने से आपको रोक रहा है | तो फेक हसी हसना सीखे वो आपको हसना सीखा देगी |
११) समस्याएं जाएदा लगने लगे तो उनके बारे में सोचे जिनकी समस्याएं आपसे बड़ी है | हो सके तो उनकी मदद करे ||
याद रखे आपकी अच्छी सोच आपको बेहतर और बेहतर बना सकती है ||
तो हमेसा खुस रहना सीखे |
रोना आये तो रोये भी | लेकिन खुद को छिपा के ना रखे | आप जोकर नहीं है की आपको रोते हुए भी हसना मज़बूरी हो | और कमजोर दिल वाले नहीं रोते | रोते वो लोग है जिनको ये कहने का दम होता है की मैं जो हूँ वो हूँ | मुखौटा नहीं पहना मैंने ||

आपका जीवन किसी न किसी को प्रेरित करता होगा
 खुद को मोगरे के फूलो जितना शांतऔर सुगन्धित बनाये

प्रिया मिश्रा :)

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