आसमान में बादल और इंद्रधनुष दोनों होते है
लेकिन पहले नजर इंद्रधनुष पे जाती है
क्युकी  वो रोज नहीं दीखता
लेकिन बादल बरसता है तभी इंद्रधनुष दीखता है
ये सच है
बादल रोज बरसता है
लेकिन हर बून्द से इंद्रधनुष नहीं बनता
जिस से बनता है
वो बिखर जाता है
और सुरु होती है
एक नई कहानी
इंद्रधनुष की कहानी ||

प्रिया मिश्रा :)

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