हाँ , बिलकुल | ये गुण है मुझमे लेकिन माता रानी की कसम कभी घमंड नहीं किया |
अरे ये तो मेरी पहली लाइन पढ़ के ही हसने लगे | देखिये मित्र और सहेली आपकी मुस्कान की चमकार में झोल है | कल रात को पालक खाया था | दाँतों में लगा हुआ है | ये ज़िग - ज़ैग वाला ब्रश नहीं  करते क्या | कोइ ना | हम करते है लेकिन टूथ ब्रश की कसम कभी घमंड नहीं किया |
 मेरे टूथ पेस्ट में तो हल्दी और नमक भी है ,सच्ची तभी तो मेरे दाँत सोने जैसे पिले दीखते है | दाँतो की कसम सबने कहा आपके दाँत तो बड़े पिले है | हमने बत्तीसी अपनी दिखा दी लेकिन कभी घमंड नहीं किया | अब क्या करे हमारा दिल ही कुछ ऐसा है | सबकुछ सुन के घोल के पी जाता है | और पिए भी क्यों ना ये कोइ दारू थोड़े है जो बंद हो जाएगी , लोगो के ताने हैं , काने भी मार के जायेंगे |
 लेकिन तुम भी कभी घमंड मत करना | हम क्या अपनी थाली में ताने खाते  है नहीं ना तो दिल में क्यों रखे उसके मुँह पे ना मार के आये जिसने हमें दिया है | ये मेरा ख्याल है लेकिन आप हिंसा ना करे | अपनी मुँह में पानी भर के उसको पूरा झाग बनाये फिर उसके मुँह पे डाल आये , लेकिन ध्यान रहे उसके हाथ में डंडा ना हो और कुत्ता तो आस - पास बिलकुल ना हो |
अरे हसने वाली बात नहीं है ये सोचने वाली बात है | क्यों की अगर कुत्ते पे पानी डाला तो वो नहीं दौरायेगा वो तो पीछे मुड़ के देखेगा मुस्कुराएगा और कहेगा अच्छा बेटा हमपे पानी फेके हो | और दूर जाके झाड़ आएगा | ये बड़े सयाने होते है दिल पे कुछ नहीं लेते है और सबको हाथो -हाथ रिसल्ट देते है |
अभी इति सी हसी आई क्या | अभी भी नहीं तो अब क्या लिखे यहाँ कॉमेडी  शो सुरु करे |
मुझे लगता है तुम्हारे हसने के दिन आ गए है और इतने आये है की हसीं आ ही नहीं रही | अरे देखा नहीं क्या वो बोरे में आनाज भर के रखा हो तो एक बार में निकलता ही नहीं अटक जाता है |  कुछ ऐसा हाल है आपका भी तो हम तो ये कहेंगे की धीरे - धीरे हँसो | जब आधा दुःख बाहर आ जायेगा तो पूरी हसी खील के आएगी वो अपनी बत्तीसी वाली || है ना
तो हस्ते रहिये और मुस्कुराते रहिये और मेरे ब्लॉग पढ़ते रहिये

प्रिया मिश्रा
जय हिन्द
जय भारत ||

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