अतीत में झांके या भविस्य में

अतीत में झांके या भविस्य में ये एक बहुत बड़ा प्रश्न है | क्युकी अतीत पीछा नहीं छोड़ता और भविस्य आस नहीं छोड़ता ||
अतीत में झाके तो क्या मिलेगा
पहला : अगर आपका जीवन अच्छा गुजरा है तो सुखद पल मिलेंगे
दूसरा : अगर आपका जीवन अच्छा नहीं गुजरा तो दुखद पल मिलेंगे
सुखद पल मिले तो क्या होगा | आपकी मुस्कराहट बनी रहेगी | लेकिन अगर दुखद पल हुए तो क्या होगा आपकी कड़वाहट बनी रहेगी |
सिख लेने के लिए पुराने पल में जा सकते है | लेकिन क्या ये जरुरी है की कल का गुजरा फिर से आएगा अगर नहीं || तो जहाँ सबकुछ बदल रहा है वहाँ ये पुराने किस्से काम आएंगे | सायद नहीं | तो अगर झाकना है अतीत में तो अपने अच्छे पल में झाकिये | वहां जाकर कुछ सुधार  मत कीजिये | बस मुस्कुराते हुए वापस आ जाईये || और भविष्य के गर्भ में समाई शक्तियो को समेटिये || सब आपका ही है , सब हमारा ही है || भविस्य में झाकना नई ऊर्जा देगा |
नई सोच देगा
नए अच्छे लोग देगा
कुछ सच्चे दोस्त मिलेंगे ||
नया हौसला मिलेगा
नए रस्ते मिलेंगे
तो कोइ पुरानी  गलियों में क्यू जाये | निम् के पुराने पेड़ के पास जाके आम के फल की कल्पना करना मूर्खता है |
एक भ्रम है | एक धारणा है |
तो अपनी धारणाओ को बदले || आम का पेड़ लगाए || और मीठेपन  का स्वाद ले ||
ये कड़वाहट में जीने का कोइ मतलब नहीं होता || ये अफ़सोस में जीने का भी कोईं मतलब नहीं होता ||
गलतिया सुधार के आगे बढ़ने में ही भलाई है ||
अपने आप को आप भविष्य के लिए सुधारे || जीवन में आगे बढे ||औरो  को भी प्रेरणा दे, क्युकी जीवन बहुमूल्य है आपक भी और आपके चाहने वालो का भी ||
तो अतीत में वापस जाना अब बंद || अब हम सिर्फ आगे बढ़ेंगे || कल का सूर्य हमारा है ||
ए दोस्त सुन
तू चिंगारी है
अपने को आग ना लगा
रौशनी बन के उभर के आ
तेरा स्वागत है
तू एक कदम तो बढ़ा ||

ए दोस्त सुन
तू एक सपना है
इसे अतीत में ना बिता
इसे कर्म में ला
ये दुनिया तेरी है
तेरे चाहने वाले है सब
तेरा स्वागत है
तू एक कदम तो बढ़ा ||

ए दोस्त सुन
तू मेरा अपना  है
यूँ फासले  ना बढ़ा
आ गले मिल
मुझे भी गले लगा
मैं सारे फासले  माप दूंगी
तेरा स्वागत है
तू एक कदम तो बढ़ा ||

प्रिया मिश्रा :)

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