"कहानी "
कहानी  कुछ नहीं बस कभी - कभी कहा - सूनी में बन जाने वाली एक घटना है जैसे कल हमारे पडोसी मिश्रा जी के साथ हो गयी एक कहानी | हुई तो घटना थी लोगो ने बता - बता के इसे कहानी कर दिया |
तो भईया कहानी कुछ ऐसी है की , मिश्रा जी निकले थे पान खाने रास्ते में मिल गयी उनकी पड़ोसन , अरे वही जिसको आँखों के कोने से छिप - छिप के देखते थे | आज तो हद ही कर दी सामने से देख लिया , फिर क्या था बाहर उनके पडोसी ने धोया घर में बीवी ने | पुरे आठ टेक पड़े है मुँह में और नौ पड़े है टाँगो में बाकि सब ठीक है |
वो उनकी पड़ोसन अभी ठीक है बस मिश्रा जी का नक्शा बिगड़ा है और एक कहानी त्यार है | अब ये कई पुस्तो तक चलेगी और शीर्षक होगा इसका  " कुटाई इन फ्रंट ऑफ़ जमाना फॉर जनाना "

प्रिया मिश्रा :)

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