"आम"
"आम" शब्द "आम" रह गया
कहने वाला राजा हो गया
कहते हमरे मंत्री भाई
मैं ठहरा "आम" सा आदमी
जनता को भोली सूरत दिखाई
कुर्सी मिलते ही ठेंगा दिखाई
ये "आम" शब्द की मिठाई हर साल सबने खाई
बाहर देखे चीनी आता
अंदर से करेला
ये "आम" शब्द भईया
बड़ा है अलबेला ||
फलो में जब आता हैं
तब राजा कहलाता है
बड़ा रसीला बड़ा ही सुन्दर
लेकिन देखो किस्मत
तोडा पथरो से ही जाता है
ये राजा कैसा
बस नाम का राजा है
ईमानदार है
तभी तो पत्थर पड़े है
क्युकी अक्ल कहा सबको भाता है
अंधी नगरी में
आँखों का राजा पत्थर ही खाता है
तो आम शब्द को आम समझ के
तुम न खाना धोका
कभी मिलेंगे पत्थर
कभी मिलेगा करेला
ये आम शब्द है बड़ा अलबेला ||
प्रिया मिश्रा :)
"आम" शब्द "आम" रह गया
कहने वाला राजा हो गया
कहते हमरे मंत्री भाई
मैं ठहरा "आम" सा आदमी
जनता को भोली सूरत दिखाई
कुर्सी मिलते ही ठेंगा दिखाई
ये "आम" शब्द की मिठाई हर साल सबने खाई
बाहर देखे चीनी आता
अंदर से करेला
ये "आम" शब्द भईया
बड़ा है अलबेला ||
फलो में जब आता हैं
तब राजा कहलाता है
बड़ा रसीला बड़ा ही सुन्दर
लेकिन देखो किस्मत
तोडा पथरो से ही जाता है
ये राजा कैसा
बस नाम का राजा है
ईमानदार है
तभी तो पत्थर पड़े है
क्युकी अक्ल कहा सबको भाता है
अंधी नगरी में
आँखों का राजा पत्थर ही खाता है
तो आम शब्द को आम समझ के
तुम न खाना धोका
कभी मिलेंगे पत्थर
कभी मिलेगा करेला
ये आम शब्द है बड़ा अलबेला ||
प्रिया मिश्रा :)
वाह
ReplyDeletethank you :)
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