"यादो "

यादो का समंदर सूखता नहीं
दरिया उफान पर रहता है

आँखे भींगी सी रहती है
और बगिया सुनसान सा रहता है ||

कोइ समझता नहीं
उस पागलपन के मुस्कराहट को ||

वो मुस्कुराता है
और आँखों में तूफ़ान सा रहता है ||

यादो पे कोइ पहरा नहीं होता
किसी के नाम का कोइ
डर नहीं होता
ये आजाद है
दबे पाँव आ जाता है
ये याद है
कोइ तेरा नाम नहीं जो छुपा लूँ
ये हकीकत है
जिसपे कोइ पर्दा नहीं होता ||

प्रिया मिश्रा :)

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