"प्रियजन"
प्रियजन शब्द के लिए शब्द है ही नहीं , वहाँ भाव होते है | जहाँ आपको समझने के लिए या आपको समझाने के लोए भाव ही काफी हो | जो आपके लिए सदैव रहे | आपका भला चाहे | कभी - कभी उसकी वाणी में कड़वाहट हो पर दिल में आपके लिए हमेशा मिठास हो | वो होते है आपके प्रियजन | जिनके लिए आप प्रिय हो और आपके लिए वो | और ऐसी सिर्फ एक ही होती है हमारी माँ | माँ अकेले ही एक समुदाय होती है | जो कभी दोस्त बनती है | कभी बहन | कभी भगवान् | कभी पापा और कभी दादी कभी माँ | कभी आशीर्वाद की तरह होती है | कभी कड़वे करेले की तरह जिसमे हजारो गुण होते है | कभी मीठे चासनी की तरह | माँ सब रूपों में होती है | हमारी सबसे प्यारी और हमसे सबसे जायदा प्यार करने वाली ||
प्रिया मिश्रा :)
प्रियजन शब्द के लिए शब्द है ही नहीं , वहाँ भाव होते है | जहाँ आपको समझने के लिए या आपको समझाने के लोए भाव ही काफी हो | जो आपके लिए सदैव रहे | आपका भला चाहे | कभी - कभी उसकी वाणी में कड़वाहट हो पर दिल में आपके लिए हमेशा मिठास हो | वो होते है आपके प्रियजन | जिनके लिए आप प्रिय हो और आपके लिए वो | और ऐसी सिर्फ एक ही होती है हमारी माँ | माँ अकेले ही एक समुदाय होती है | जो कभी दोस्त बनती है | कभी बहन | कभी भगवान् | कभी पापा और कभी दादी कभी माँ | कभी आशीर्वाद की तरह होती है | कभी कड़वे करेले की तरह जिसमे हजारो गुण होते है | कभी मीठे चासनी की तरह | माँ सब रूपों में होती है | हमारी सबसे प्यारी और हमसे सबसे जायदा प्यार करने वाली ||
प्रिया मिश्रा :)
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