"कहने की जरुरत नहीं है "

कहने की जरुरत नहीं है
की सच्चा है  मेरा प्रेम
तभी तो तुझे फरेब से दूर
रखा है ||
तुझे सवारने को
खुद मैले आँचल से भी दूर रखा है ||
तेरा रूप धवल है
तू सुन्दर है
सलोना सा मेरे हिर्दय
में एक खिलौने सा बस गया है
तेरा रूप मुझे मोह गया है
तेरा बच्चो सा जिद करना
मुझे परेशां कर जाता है
क्या कहु तुझसे
तेरा तड़पना मुझे भी भेद जाता है
मैं तड़प लुंगी
तुझे एहसास भी न होने दूंगी
तुझे आग से बचा के
पानी से बचा के
हिर्दय से लगाना है
तू अनमोल है मेरे लिए
तुझे बस ये एहसास दिलाना है
मेरे प्रेम पे शक ना करना
ये प्यार है
तभी मजबूरियों की दूरिया है ||

प्रिया मिश्रा :)

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