चलो आज कुछ मीठा हो जाये
मिटा दे सारी कड़वाहट
चलो आज कुछ मीठा हो जाये ||
चलो कुछ वादे करे
कुछ मीठे सपने सजाये
चलो न कैडबरी के आसमानो का सहर बनाये ||
किटकैट की दिवार हो
उसे अपनी वफ़ा से सजाये
कैंडी की चादर हो
और थोड़े से मीठे हम और थोड़े से मीठे तुम
चलो आज सब कुछ मीठा बनाये
चलो आज कुछ मीठा हो जाये ||
थोड़ी सी चीनी भी लाते हैं
और उस से तकिया बनाते हैं ||
चलो आज कुछ मीठा बनाते हैं
उसमे सक्कर की जगह तुम्हारी बातें मिलाते हैं
चलो तुम्हारे साथ आज कुछ मीठा हो जाये ||
हम भुला दे सारी
खट्टी यादें
मिला दे उसमे तेरी वादों की मिठास
कल और आज कल सब मीठा बना दे
चलो न वादों का कोइ
मिठाई बनाये
चलो न आज कुछ मीठा हो जाये ||
प्रिया मिश्रा

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