"एक छोटी सी ग़लत फ़हमी "
रीमा कैसे हो ??
अच्छी हूँ दी ||
राहुल की कोइ खबर आई ?
नहीं दी , अभी तक कुछ नहीं आया |
अच्छा , तुमने कुछ खाया ?
नहीं , अभी तो नहीं खा लुंगी एक बार राहुल आ जाये तो |
ठीक हैं ||
तभी घंटी बजती हैं |
दरवाजे पे कोइ हैं देखो तो रीमा ?
हां दी , सायद राहुल आ गया |
दरवाजा खुला |
टेलीग्राम , आपका नाम रीमा हैं ?
हां , यहाँ साइन कर दीजिये |
बढ़िया ||
किसकी हैं रीमा ?
राहुल की |
राहुल की ? पढ़ तो जरा क्या लिखा हैं ?
हाँ ,
रीमा ,
मुझे पता हैं तुम आज मेरा इन्तजार कर रही होगी | लेकिन मैं नहीं आ रहा हूँ | हमारे बिच अब कुछ भी नहीं रह गया | तुमने मुझसे झूट बोला | तुम्हारा पहले किसी और से रिस्ता था | तुम्हारी दोस्त ने बताया | मैं अब तुम्हारी शक्ल भी नहीं देखना चाहता | मुझे तुमसे नफरत हैं | और हमेसा ही रहेगा | अब कभी मेरा इन्तजार मत करना ||
रीमा ,रीमा क्या हुआ रीमा। ..
रीमा ,
दी , राहुल मुझे छोड़ के चला गया | उसने मुझसे बात तक करना जरुरी नहीं समझा | आपको पता हैं ना , मैं और अभी सिर्फ दोस्त हैं | कनिका ने उसे मेरे बारे में गलत इनफार्मेशन देदी | दुःख उस बात का नहीं हैं दी | दुःख इस बात का हैं उसने मुझे पूछा तक नहीं | मुझसे बात तक नहीं की | ये कैसा प्यार था जब भरोसा ही नहीं था तो |
रीमा , जाने दे उसको भूल जा |
भूल जाऊ , उसे जिसकी वजह से मैं जिन्दा हूँ | सांसे लेना भूल जाऊँ दी |
फोन की घंटी बजती है
हेलो , हेलो
रीमा हैं , आप कौन ??
आप रीमा को बुला दे ||
रीमा तेरा फोन , सायद कनिका हैं |
हेलो ,
हेलो रीमा , बड़ा गुरुर था ना तुझे तेरे प्यार पे | देख एक छोटी सी गलत फहमी ने तोड़ दिया तेरा गुरुर | |
कहा था मैंने तुझसे , गलत फहमी किसी को भी हो सकती है | हमेसा हकीकत को जानने का प्रयाश करना चाहिए | अगर तूने उस दिन मेरी बात समझने की कोसिस की होती तो आज मैं भी तेरी तरह एक अच्छी जिंदगी जी रही होती | अब तू भी भुगत ले सजा गलत फहमी की ||
बाय ||
रीमा सन्न रह गयी
और सब कुछ बिखर गया एक छोटी सी ग़लत फ़हमी के कारन ||
प्रिया मिश्रा :)
रीमा कैसे हो ??
अच्छी हूँ दी ||
राहुल की कोइ खबर आई ?
नहीं दी , अभी तक कुछ नहीं आया |
अच्छा , तुमने कुछ खाया ?
नहीं , अभी तो नहीं खा लुंगी एक बार राहुल आ जाये तो |
ठीक हैं ||
तभी घंटी बजती हैं |
दरवाजे पे कोइ हैं देखो तो रीमा ?
हां दी , सायद राहुल आ गया |
दरवाजा खुला |
टेलीग्राम , आपका नाम रीमा हैं ?
हां , यहाँ साइन कर दीजिये |
बढ़िया ||
किसकी हैं रीमा ?
राहुल की |
राहुल की ? पढ़ तो जरा क्या लिखा हैं ?
हाँ ,
रीमा ,
मुझे पता हैं तुम आज मेरा इन्तजार कर रही होगी | लेकिन मैं नहीं आ रहा हूँ | हमारे बिच अब कुछ भी नहीं रह गया | तुमने मुझसे झूट बोला | तुम्हारा पहले किसी और से रिस्ता था | तुम्हारी दोस्त ने बताया | मैं अब तुम्हारी शक्ल भी नहीं देखना चाहता | मुझे तुमसे नफरत हैं | और हमेसा ही रहेगा | अब कभी मेरा इन्तजार मत करना ||
रीमा ,रीमा क्या हुआ रीमा। ..
रीमा ,
दी , राहुल मुझे छोड़ के चला गया | उसने मुझसे बात तक करना जरुरी नहीं समझा | आपको पता हैं ना , मैं और अभी सिर्फ दोस्त हैं | कनिका ने उसे मेरे बारे में गलत इनफार्मेशन देदी | दुःख उस बात का नहीं हैं दी | दुःख इस बात का हैं उसने मुझे पूछा तक नहीं | मुझसे बात तक नहीं की | ये कैसा प्यार था जब भरोसा ही नहीं था तो |
रीमा , जाने दे उसको भूल जा |
भूल जाऊ , उसे जिसकी वजह से मैं जिन्दा हूँ | सांसे लेना भूल जाऊँ दी |
फोन की घंटी बजती है
हेलो , हेलो
रीमा हैं , आप कौन ??
आप रीमा को बुला दे ||
रीमा तेरा फोन , सायद कनिका हैं |
हेलो ,
हेलो रीमा , बड़ा गुरुर था ना तुझे तेरे प्यार पे | देख एक छोटी सी गलत फहमी ने तोड़ दिया तेरा गुरुर | |
कहा था मैंने तुझसे , गलत फहमी किसी को भी हो सकती है | हमेसा हकीकत को जानने का प्रयाश करना चाहिए | अगर तूने उस दिन मेरी बात समझने की कोसिस की होती तो आज मैं भी तेरी तरह एक अच्छी जिंदगी जी रही होती | अब तू भी भुगत ले सजा गलत फहमी की ||
बाय ||
रीमा सन्न रह गयी
और सब कुछ बिखर गया एक छोटी सी ग़लत फ़हमी के कारन ||
प्रिया मिश्रा :)
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