"नन्हे से रास्ते क्या बोलते है"

नन्हे से रास्ते क्या बोलते है
सुन के देखो वो तुमसे बातें करते है

चलते हैं तेरे कदमो से
वो तेरी मंजिल भी नापा  करते है

तू थक जाता हैं पथिक
वो निरंतर कितनो की कदमो से चला करते हैं

ये नन्हे से रास्ते
सोते नहीं , रोते नहीं
किसी की लाठी किसी की आस हुआ करते हैं ||

नन्हे से रास्ते क्या बोलते हैं
सुन के देखो वो तुमसे बाते करते है  ||

महसूस करते हैं तुमको
तुम्हारी माँ की तरह
बाप बन के राह दिखते हैं
ये नंन्हे से रस्ते
बेजुबान होक भी
बोलना सिखाते हैं
मुस्कुराना सिखाते हैं
जीना सिखाते है ||

प्रिया मिश्रा :)

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