"लिखा नहीं जा सकता "

अपनी भावनावो को लिखा नहीं जा सकता
समझाया नहीं जा सकता हैं
किसी को पढ़ा नहीं जा सकता है
बस एक भरोसा है
एक वादा है
उसे निभाया जा सकता||

किसी को छल के
कुछ पाया नहीं जा सकता है
किसी की  तकलीफों पे मुस्कुरा के
इंसानियत दिखाया नहीं जा सकता
किसी के कंधे को थपथपा के
प्यार जताया जा सकता हैं
किसी के हाथो को
अपने हाथो में ले
यकीं दिलाया जा सकता हैं
एक भरोसा निभाया जा सकता है
अपनी भावनावो को लिखा नहीं जा सकता हैं
दुसरो की भावनाओ की कदर करते हुए
एक वादा निभाया जा सकता है ||

ना देना उसे कोइ तकलीफ
जो खुद को तुमपे सौप दे
वो आत्मा से जुड़ा होगा
उस, रूह को समेटा नहीं जा सकता है
एक वादा है , जो उसके साथ निभाया जा सकता है
प्रेम ना भी हो
इंसानियत ही सही निभाया जा सकता है
वादा शब्दों में लिखा नहीं जा सकता
लेकिन जीवन भर निभाया जा सकता है ||

प्रिया मिश्रा :)

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