लिफाफा छोटा सा शब्द हैं || पर हम सबको परेशां करने में बड़ा काम करता हैं || लिफाफे में बंद चिठ्ठी
शब्द को चुराए रहती हैं || कभी खुसी कभी गम लगाए रहती हैं || ये शादियों का लिफाफा बड़े काम का हैं ||
कुछ हो न हो सुन्दर लिफाफे की तरफ नजर पहले जाती हैं ,फिर उसे खोलते हैं | कुछ शगुन होता हैं |
उसे निकलते हैं और मुस्कुराते हैं | फर्क नहीं पड़ता वो कितने का हैं |अपनों का आशिस लेके आता हैं ये बंद लिफाफा | कुछ सपने बंद होते हैं इसमें | कुछ ख़ामोशी बंद होती हैं | कई हसरतो का पिटारा होता हैं ये लिफाफा | कितनो के बेटे की निशानी उनकी बातें और उनका प्यार होता हैं ये लिफाफा | बेटियों की मुस्कराहट होता हैं ये लिफाफा | बहुतो का रोजी - रोटी होता हैं ये लिफाफा || मायके में बेटियों का बाबुल बन पहुँचता हैं ये लिफाफा || बड़ी दूर से पी की खबर भी तो लाता हैं ये लिफाफा || तेवहारो में एक दूसरे को एक दूसरे का एहसास भी कराता हैं ये लिफाफा || बंद लिफाफे में बहोत बात होती हैं ||
कभी छोटी कभी बड़ी पर रिस्तो की एक मजबूत गाँठ होती हैं ||
प्रिया मिश्रा :)
शब्द को चुराए रहती हैं || कभी खुसी कभी गम लगाए रहती हैं || ये शादियों का लिफाफा बड़े काम का हैं ||
कुछ हो न हो सुन्दर लिफाफे की तरफ नजर पहले जाती हैं ,फिर उसे खोलते हैं | कुछ शगुन होता हैं |
उसे निकलते हैं और मुस्कुराते हैं | फर्क नहीं पड़ता वो कितने का हैं |अपनों का आशिस लेके आता हैं ये बंद लिफाफा | कुछ सपने बंद होते हैं इसमें | कुछ ख़ामोशी बंद होती हैं | कई हसरतो का पिटारा होता हैं ये लिफाफा | कितनो के बेटे की निशानी उनकी बातें और उनका प्यार होता हैं ये लिफाफा | बेटियों की मुस्कराहट होता हैं ये लिफाफा | बहुतो का रोजी - रोटी होता हैं ये लिफाफा || मायके में बेटियों का बाबुल बन पहुँचता हैं ये लिफाफा || बड़ी दूर से पी की खबर भी तो लाता हैं ये लिफाफा || तेवहारो में एक दूसरे को एक दूसरे का एहसास भी कराता हैं ये लिफाफा || बंद लिफाफे में बहोत बात होती हैं ||
कभी छोटी कभी बड़ी पर रिस्तो की एक मजबूत गाँठ होती हैं ||
प्रिया मिश्रा :)
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