गुनगुनी ख़ुशबू के जाले बुने हैं वादी ने
तुम आने वाले हो, हम जान गए
अब दबी सी चाह
तेरा राह देखने लगी हैं
वो सुनने लगी हैं तेरे कदमो की आहट
अब हवाएं मेरे आँगन की तुझे महसूस करने लगी हैं
तुम आने वाले हो हम जान गए हैं ||
हवाएं भी छेड़ने लगी हैं
मुझे की
जरा सी शरारत वो दरवाजे भी करने लगे हैं
जो खरखड़ाते हैं
और मेरी पायल भी अब शोर करने लगी हैं
घुँगुरुओ में जान आ गयी हो जैसे
आँखे भी अब नम रहने लगी हैं
सूखे आकाश में अब बादल नजर आने लगे हैं
तुम आने वाले हो हम जान गए हैं ||
हम जान गए हैं की
जिंदगी एक वजह ढूंढ रही हैं
अब जीने की
तुम आने वाले हो हम जान गए हैं ||
प्रिया मिश्रा :)
तुम आने वाले हो, हम जान गए
अब दबी सी चाह
तेरा राह देखने लगी हैं
वो सुनने लगी हैं तेरे कदमो की आहट
अब हवाएं मेरे आँगन की तुझे महसूस करने लगी हैं
तुम आने वाले हो हम जान गए हैं ||
हवाएं भी छेड़ने लगी हैं
मुझे की
जरा सी शरारत वो दरवाजे भी करने लगे हैं
जो खरखड़ाते हैं
और मेरी पायल भी अब शोर करने लगी हैं
घुँगुरुओ में जान आ गयी हो जैसे
आँखे भी अब नम रहने लगी हैं
सूखे आकाश में अब बादल नजर आने लगे हैं
तुम आने वाले हो हम जान गए हैं ||
हम जान गए हैं की
जिंदगी एक वजह ढूंढ रही हैं
अब जीने की
तुम आने वाले हो हम जान गए हैं ||
प्रिया मिश्रा :)
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