वो मुझसे नफरत करते - करते
मैं बनते जा रहा हैं .......
ये नफरत भी अपना निशान ही मिटा देता हैं ||
देखता वो मुझे आज भी हैं ....
कल प्यार से देखता था
आज नफरत से देखता हैं .......
बस नजरे बदली हैं .........
फितरत आज भी वही हैं ......
छुप - छुप के देखने की .........
पहले वो बीज दबा था
अब एक पौधा पनप के आ रहा हैं ||
मैं बनते जा रहा हैं .......
ये नफरत भी अपना निशान ही मिटा देता हैं ||
देखता वो मुझे आज भी हैं ....
कल प्यार से देखता था
आज नफरत से देखता हैं .......
बस नजरे बदली हैं .........
फितरत आज भी वही हैं ......
छुप - छुप के देखने की .........
पहले वो बीज दबा था
अब एक पौधा पनप के आ रहा हैं ||
ReplyDeleteNice