"प्रेमिका की अभिलाषा "
तुमसे बाते करना ऐसा है जैसे कोइ प्राथना की हो और वो स्वीकार हो गयी || रात भर जाग के तेरी आँखों में देखते हुए तुझे सुन्ना मेरे जीवन का अब पहला और आखरी कार्यो में से एक लगता है || तुझे खबर नहीं है , लेकिन तुझसे पहले ऐसा कभी ना लगा की किसी के लिए आँखे रात भर जगेंगी , किसी का इन्तजार करेंगी , किसी से इतना प्यार करेंगी || तुझे सायद पता भी न हो तू मेरी पहली ख्वाइश बन गया है | मेरी पहली तमन्ना तुझसे ही सुरु होती है | मेरा पहला दिन तुझसे सुरु होता है | वो तुझे गुडमॉर्निंग कहना ऐसा है जैसे मेरे होठो की मुस्कराहट उसमे छिपी हो | तुमसे बातें करना महज एक वक़्त नहीं है जो गुजर जायेगा | वो मेरी दुआ है जो कबूल हो जायेगा |
तुझसे बस प्यार नहीं है मुझे , तूने मेरी रूह को छुआ है अब तो जीने मरने की कस्मे है तुझसे | तुझसे बात ना करने पर मेरा दिन ही पूरा नहीं होता है | मेरी शाम उदाश रहती है | और रात यु ही गुजर जाती है | तुम्हारा सताना मुझे रुला जाता है | दिन की शुरुआत तुम्हारे साथ चाहती हूँ और रात की चांदनी तुम्हारे साथ चाहती हूँ | दिन का हर पन्ना तेरे नाम लिखना चाहती हूँ | रात का हर सितारा तुझे देना चाहती हूँ | तुम एक दिन जरूर मेरे प्राथना का आशीर्वाद बन के मुझे मिलोगे | मेरे आँचल का सितारा बन के मेरे दामन में टक जाओगे | मेरे ख्वाब बन के मेरे आँखों में सज जाओगे | मेरे बालो गजरे की तरह मुझपे सज जाओगे | मेरे माथे की बिंदी की तरह मुझपे चमकोगे | मेरी आखों के काजल की तरह मेरी आँखों में ठहर जाओगे | तुम प्राथना हो जो , मंदिर की प्रसाद की तरह मुझे ऊपर वाले से मिले हो | एक ऐसा उपहार हो जिसे पाने के लिए मेरा जन्म हुआ हैं | तुम मेरी रूह हो , जिसके लिए मेरे शरीर बना है | सोचती हूँ कैसा होगा वो दिन जब हम - तुम साथ होंगे | जब मैं तुम साथ होंगे सदा के लिए |
जब एक थाली की रोटी बाटेंगे | एक - दूजे से अपना ख्याल बताएँगे | एक साथ मुस्कुरायेंगे | तुम्हारे साथ अपना सुख -दुःख सब कुछ बाटना चाहती हूँ | इसलिए रोज प्राथना में तुम्हे मांगती हूँ | यकीं हैं मुझे वो प्राथना मेरे प्यार के आँगन में अपराजिता के पुष्पों के तरह खिलेगा और उसकी लताये मुझसे होकर गुजरेंगी | उसके फूल मेरे बालो में सजेंगे और उसकी महक से मेरे पूरा जीवन महक जायेगा | ये वो सपना हैं जो सच होगा | मेरे आगम में वो अपराजिता के पुष्प प्रत्यक्ष प्रमाड होंगे मेरे प्रेम के और ये कहानी सच होगी , जो आज लिखी जा रही हैं वो कल इतिहास बनाएगी | तेरी - मेरी कहानी जरूर सच होगी और हमारे ख्यालो के पुष्प जरूर मुस्कुरायेंगे | मेरी प्राथनाए स्वीकार हो गयी हैं इतना ही काफी हैं मुझे यकीं करने को की तू मेरा होने लगा हैं अब ||
प्रिया मिश्रा :)
तुमसे बाते करना ऐसा है जैसे कोइ प्राथना की हो और वो स्वीकार हो गयी || रात भर जाग के तेरी आँखों में देखते हुए तुझे सुन्ना मेरे जीवन का अब पहला और आखरी कार्यो में से एक लगता है || तुझे खबर नहीं है , लेकिन तुझसे पहले ऐसा कभी ना लगा की किसी के लिए आँखे रात भर जगेंगी , किसी का इन्तजार करेंगी , किसी से इतना प्यार करेंगी || तुझे सायद पता भी न हो तू मेरी पहली ख्वाइश बन गया है | मेरी पहली तमन्ना तुझसे ही सुरु होती है | मेरा पहला दिन तुझसे सुरु होता है | वो तुझे गुडमॉर्निंग कहना ऐसा है जैसे मेरे होठो की मुस्कराहट उसमे छिपी हो | तुमसे बातें करना महज एक वक़्त नहीं है जो गुजर जायेगा | वो मेरी दुआ है जो कबूल हो जायेगा |
तुझसे बस प्यार नहीं है मुझे , तूने मेरी रूह को छुआ है अब तो जीने मरने की कस्मे है तुझसे | तुझसे बात ना करने पर मेरा दिन ही पूरा नहीं होता है | मेरी शाम उदाश रहती है | और रात यु ही गुजर जाती है | तुम्हारा सताना मुझे रुला जाता है | दिन की शुरुआत तुम्हारे साथ चाहती हूँ और रात की चांदनी तुम्हारे साथ चाहती हूँ | दिन का हर पन्ना तेरे नाम लिखना चाहती हूँ | रात का हर सितारा तुझे देना चाहती हूँ | तुम एक दिन जरूर मेरे प्राथना का आशीर्वाद बन के मुझे मिलोगे | मेरे आँचल का सितारा बन के मेरे दामन में टक जाओगे | मेरे ख्वाब बन के मेरे आँखों में सज जाओगे | मेरे बालो गजरे की तरह मुझपे सज जाओगे | मेरे माथे की बिंदी की तरह मुझपे चमकोगे | मेरी आखों के काजल की तरह मेरी आँखों में ठहर जाओगे | तुम प्राथना हो जो , मंदिर की प्रसाद की तरह मुझे ऊपर वाले से मिले हो | एक ऐसा उपहार हो जिसे पाने के लिए मेरा जन्म हुआ हैं | तुम मेरी रूह हो , जिसके लिए मेरे शरीर बना है | सोचती हूँ कैसा होगा वो दिन जब हम - तुम साथ होंगे | जब मैं तुम साथ होंगे सदा के लिए |
जब एक थाली की रोटी बाटेंगे | एक - दूजे से अपना ख्याल बताएँगे | एक साथ मुस्कुरायेंगे | तुम्हारे साथ अपना सुख -दुःख सब कुछ बाटना चाहती हूँ | इसलिए रोज प्राथना में तुम्हे मांगती हूँ | यकीं हैं मुझे वो प्राथना मेरे प्यार के आँगन में अपराजिता के पुष्पों के तरह खिलेगा और उसकी लताये मुझसे होकर गुजरेंगी | उसके फूल मेरे बालो में सजेंगे और उसकी महक से मेरे पूरा जीवन महक जायेगा | ये वो सपना हैं जो सच होगा | मेरे आगम में वो अपराजिता के पुष्प प्रत्यक्ष प्रमाड होंगे मेरे प्रेम के और ये कहानी सच होगी , जो आज लिखी जा रही हैं वो कल इतिहास बनाएगी | तेरी - मेरी कहानी जरूर सच होगी और हमारे ख्यालो के पुष्प जरूर मुस्कुरायेंगे | मेरी प्राथनाए स्वीकार हो गयी हैं इतना ही काफी हैं मुझे यकीं करने को की तू मेरा होने लगा हैं अब ||
प्रिया मिश्रा :)
Excellent
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