"सब मोह माया है"

बड़ी दूर से खबर आई
आज दावत में  आवो भाई
सब चले सज धज के
सबसे  आगे आये सेठ भाई
जम कर खाया पूरी -मिठाई
सुबह - सुबह
अम्मा की याद आई
जब पूरी ने की पेट से लड़ाई
सारे हाकिम धरे रह गए
सेठ कहे बार - बार
हाई रे पीड़ा सही न जाई
दिन भर रहा लोगो का आना - जाना
ख़तम  हो गया आधा खाना
कल जो पैसे बचाये थे वो आज डूब गए
 कुछ हाकिम कुछ  देखने वाले लूट गए
सेठ अब पहले से बेहतर है
पर दावत का नाम न लेते
कहते , अब ना कही जाना है
सबको कल की कहानी बताया हैं
कहते हैं सेठ
सब मोह माया है ||

प्रिया मिश्रा :)

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