" जब इश्क हो जाता हैं "
कुछ अधूरा लगने लगे जब
एक खालीपन सा
कोइ खास का इन्तजार रहने लगे
और सीने में दर्द सा
आदमी यु ही बीमार सा हो जाता हैं
जब इश्क हो जाता है ||
कुछ खोने का डर सताने लगे
प्यार पे यकीन आने लगे
कोइ अनजाना दिल को भने लगे
यु ही शाम तनहा हो जाता हैं
जब इश्क हो जाता है ||
राह चलते यु ही मुस्कुराना
रोज नए ख्वाब बनाना
एक किसी के लिए मंदिर में सर झुकना
कुछ मांगना उसके लिए
फिर से मुस्कुराना
ये सिलसिला पागलों से हो जाता हैं
जब इश्क हो जाता है ||
ऐसा लगता है वो साथ चल रहा है
वो हमसफ़र मेरा मंजिल हो रहा हैं
एक ख्वाब करवट लेता है
जब इश्क हो जाता है
प्रिया मिश्रा :)
कुछ अधूरा लगने लगे जब
एक खालीपन सा
कोइ खास का इन्तजार रहने लगे
और सीने में दर्द सा
आदमी यु ही बीमार सा हो जाता हैं
जब इश्क हो जाता है ||
कुछ खोने का डर सताने लगे
प्यार पे यकीन आने लगे
कोइ अनजाना दिल को भने लगे
यु ही शाम तनहा हो जाता हैं
जब इश्क हो जाता है ||
राह चलते यु ही मुस्कुराना
रोज नए ख्वाब बनाना
एक किसी के लिए मंदिर में सर झुकना
कुछ मांगना उसके लिए
फिर से मुस्कुराना
ये सिलसिला पागलों से हो जाता हैं
जब इश्क हो जाता है ||
ऐसा लगता है वो साथ चल रहा है
वो हमसफ़र मेरा मंजिल हो रहा हैं
एक ख्वाब करवट लेता है
जब इश्क हो जाता है
प्रिया मिश्रा :)
Good one
ReplyDelete