मैं तुमसे तुम्हे मांगती हूँ ||

मैं तुमसे तुम्हे मांगती हूँ
ऐसे ,
जैसे ,
कोइ याचक
दान मांगता हो
एक भिक्षा देदो
मुझे तुम लौटा दो||

ये तुम्हारी
महल - अटरिया
नहीं चाहिए
ये तुम्हारा
हीरो का हार
नाग सा डसता
इसकी जहर से मुझे बचा लो
मुझे तुम लौटा दो ||

आज जो कोइ पुण्य रहा हैं
मेरा ,
वो पुण्य मैं तुमपे खर्च करना चाहती हूँ
तुझे पुरे ब्रह्माण्ड से मांगना चाहती हूँ
मेरा आँचल दुआएँ मान रहा
तुम फुल बन के
आ गिरो मेरे दामन में
आ बसों मेरी आंखियो में
एक भिक्षा देदो
मुझे तुम लौटा दो

आज मैं ईश्वर से
अपना हक़  मांगती हूँ
वो हिस्सा जो मेरा हैं उसे लौटा ,
मुझे मेरा आज , मेरा कल
लौटा दो ,
मुझे तुम लौटा दो ||

 एक वादा  कर के जुड़ जाओ
मुझसे ,
की एक वादा निभा दो
मुझे तुम लौटा दो

प्रिया मिश्रा :)

 

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