"एक जोड़ी कंगन "
प्रेम प्रीत की चाह में
बांध लिया तुझसे बंधन
मैं चाहूँ कुछ और नहीं
बस एक जोड़ी कंगन ||
ये कंगन
सोने का ना हो
न हो कोइ हिरा
पिया तू ला दे मुझको
भरोसे का वो जड़ाऊ कंगन
जिसे मैं पह्नु
हाथो में ,
ऐसे जैसे उम्र भर का कोइ बंधन
मैं चाहूँ कुछ और नहीं
बस एक जोड़ी कंगन ||
आँचल भर का प्रेम
आदर भर का स्थान दिला दे
बाकि तेरी दासी मैं
जो भी हैं
कर दू सब कुछ अर्पण
दे दे मुझको
तेरी आँखों का
चमकता वो सितारा
वो तेरी मुस्कराहट का मधुबन
मैं चाहूँ कुछ और नहीं
बस एक जोड़ी कंगन ||
प्रिया मिश्रा :)
प्रेम प्रीत की चाह में
बांध लिया तुझसे बंधन
मैं चाहूँ कुछ और नहीं
बस एक जोड़ी कंगन ||
ये कंगन
सोने का ना हो
न हो कोइ हिरा
पिया तू ला दे मुझको
भरोसे का वो जड़ाऊ कंगन
जिसे मैं पह्नु
हाथो में ,
ऐसे जैसे उम्र भर का कोइ बंधन
मैं चाहूँ कुछ और नहीं
बस एक जोड़ी कंगन ||
आँचल भर का प्रेम
आदर भर का स्थान दिला दे
बाकि तेरी दासी मैं
जो भी हैं
कर दू सब कुछ अर्पण
दे दे मुझको
तेरी आँखों का
चमकता वो सितारा
वो तेरी मुस्कराहट का मधुबन
मैं चाहूँ कुछ और नहीं
बस एक जोड़ी कंगन ||
प्रिया मिश्रा :)
Good
ReplyDeletethank you :)
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