तुमसे न हो पायेगा

मेरे साथ चलना
कदम से कदम
मिला के
तुमसे न हो पायेगा ||

मैंने आग पे अपने कदम रखे है
समंदर में गोते लगाए है
खारा पानी पिया है
मैंने महासागरों को ललकारा है
चल पावोगे ऐसे ,
मुझे लगता है
तुम मोम के बने हो
पिघल जाओगे
तुमसे न हो पायेगा ||

मेरी आँखों में जंगल है
इसमें ना देखना खो जाओगे
फिर ढूंढ नहीं पावोगे खुद को
तुम गुम जाओगे
खुद से खुद का पता भी ना पूछ पावोगे
तुम भटक जाओगे
तुम न चल पावोगे
तुम खो जाओगे
तुमसे ना हो पायेगा ||

तुम प्रेम ना समझ पावोगे
मैं तुम्हे समझा नहीं पाऊँगी
तुम ख्याल में रहोगे मेरे
मैं पानी की तरह तुम्हे छूना चाहूंगी
तुम मृगमरीचका की तरह ग़ुम हो जाओगे
मैं प्यासी रह जाउंगी
तुम रेत की तरह
आँखों में चुभ जाओगे
मेरी आँखों में ठहर पाना
तुमसे ना हो पायेगा ||

प्रिया मिश्रा :)

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