"मैं तेरी प्रेमिका थी"
अजनबी से दोस्त हुए
दोस्त से प्रेमिका
लेकिन ,
प्रेमिका से दोस्त ना बन पाई
रिश्ते मजबूत हुए अच्छा लगा
लेकिन ,
इतने मजबूत हुए गाँठ पड़ आई
मैं प्रेमिका से दोस्त ना बन पाई ||
हूँ और थी में
पल भर का फासला था
लेकिन ,
वो फासला अंधे कुएँ जैसा था
जितना डुबी , ग़ुम होते गयी
मैं प्रेमिका से दोस्त ना बन पाई ||
वो पल बसंत था
ये पल पतझर है
पत्ते झरते गए पेड़ सूखता गया
पेड़ सुख गया
पत्ते बिखर गए
मैंने अँधियो में , तिनका - तिनका
समेटा ,
पत्ता - पत्ता खुद को ढूंढ़ते रही
गुजर गया आँधी गिर गया पेड़
मैं आंधी की दिशा में मुड़ गयी
मैं प्रेमिका से दोस्त ना बन पाई ||
प्रिया मिश्रा :)
अजनबी से दोस्त हुए
दोस्त से प्रेमिका
लेकिन ,
प्रेमिका से दोस्त ना बन पाई
रिश्ते मजबूत हुए अच्छा लगा
लेकिन ,
इतने मजबूत हुए गाँठ पड़ आई
मैं प्रेमिका से दोस्त ना बन पाई ||
हूँ और थी में
पल भर का फासला था
लेकिन ,
वो फासला अंधे कुएँ जैसा था
जितना डुबी , ग़ुम होते गयी
मैं प्रेमिका से दोस्त ना बन पाई ||
वो पल बसंत था
ये पल पतझर है
पत्ते झरते गए पेड़ सूखता गया
पेड़ सुख गया
पत्ते बिखर गए
मैंने अँधियो में , तिनका - तिनका
समेटा ,
पत्ता - पत्ता खुद को ढूंढ़ते रही
गुजर गया आँधी गिर गया पेड़
मैं आंधी की दिशा में मुड़ गयी
मैं प्रेमिका से दोस्त ना बन पाई ||
प्रिया मिश्रा :)
Excellent
ReplyDeletethank you g :)
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