"तेरी यादें"

एक खाली घर में
ठंडा चूल्हा
बासी  बर्तन
और बस्ती है
तेरी यादें

घर के कोने - कोने में
तेरी रूह की खुसबू
और , स्पर्श का एहसास
और बस्ती है
तेरी यादें ||

बूढ़ा बरगद
सुख रहा है
ठूट सा होक
सांसे छूट रहा है
ये जो गुजरा लेके  जायेगा
तेरी वो झूलो की यादें
जिनमे बस्ता प्यार हमारा
वो तेरी और मेरी
खट्टी - मीठी यादें
हर घर में बस्ती है
तेरी और
बस तेरी यादे ||

प्रिया मिश्रा :)
 

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