"मित्र "
मित्र शब्द छोटा
कर्म बड़े
मित्र आसमान से टुटा तारे जैसा हैं
जिससे छुप - छूप के सब कुछ कह सकते हैं
मित्र सागर में पड़े मोती जैसा हैं
जिसे गहरे पानी में भी जाकर पाने की इक्छा रहती हैं ||
मित्र कीचड़ में खिले कमल जैसा हैं
जिसे देख के आस - पास का कुछ नजर न आये ||
मित्र इंद्रधनुष जैसा हैं
जिसमे सात रंग हैं
और जो सबको समेत के
मुझे दे देता हैं
और खुद रह जात्ता हैं
हर बार शांत सफ़ेद
सात रंग समेत के ||
प्रिया मिश्रा :)
मित्र शब्द छोटा
कर्म बड़े
मित्र आसमान से टुटा तारे जैसा हैं
जिससे छुप - छूप के सब कुछ कह सकते हैं
मित्र सागर में पड़े मोती जैसा हैं
जिसे गहरे पानी में भी जाकर पाने की इक्छा रहती हैं ||
मित्र कीचड़ में खिले कमल जैसा हैं
जिसे देख के आस - पास का कुछ नजर न आये ||
मित्र इंद्रधनुष जैसा हैं
जिसमे सात रंग हैं
और जो सबको समेत के
मुझे दे देता हैं
और खुद रह जात्ता हैं
हर बार शांत सफ़ेद
सात रंग समेत के ||
प्रिया मिश्रा :)
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