आज - कल बड़ा अजीब सा सिलसिला चलता हैं |
कोइ मरता हैं , किसी के हक़ के लिए
रोज वो किसी के निशाने पर होता हैं
किसी और के लिए |
और जरा देखो तो इन बेशर्मो को
हाय इनको दया नहीं आती
लगे सजाने अपने घर को
किसी और के जनाजे से |
बड़े निष्ठुर हैं ,
अमानवीयता से भरे
ये हमारे ही लोग हैं
जिनके लिए कल किसी ने जान लुटाई
और आज भी लूटा रहे हैं |
पर इनको क्या ये बड़े बेसर्मी से
उनकी तस्बीरों पे माले चढ़ा रहे हैं |
मरता हुआ हर आदमी
चीख - चीख के कहता हैं
मत भूलो
ये भूखी बिल्ली
कल और शिकार को जाएगी
आज मेरी हैं ,
कल तुम्हारी बरी भी आएगी !!
प्रिय मिश्रा
कोइ मरता हैं , किसी के हक़ के लिए
रोज वो किसी के निशाने पर होता हैं
किसी और के लिए |
और जरा देखो तो इन बेशर्मो को
हाय इनको दया नहीं आती
लगे सजाने अपने घर को
किसी और के जनाजे से |
बड़े निष्ठुर हैं ,
अमानवीयता से भरे
ये हमारे ही लोग हैं
जिनके लिए कल किसी ने जान लुटाई
और आज भी लूटा रहे हैं |
पर इनको क्या ये बड़े बेसर्मी से
उनकी तस्बीरों पे माले चढ़ा रहे हैं |
मरता हुआ हर आदमी
चीख - चीख के कहता हैं
मत भूलो
ये भूखी बिल्ली
कल और शिकार को जाएगी
आज मेरी हैं ,
कल तुम्हारी बरी भी आएगी !!
प्रिय मिश्रा
Good one
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