प्रेम
सरल
कोमल
शांत
पवित्र
तुमसे
सिर्फ तुमसे ||
प्रेम
अनुराग
राग
चाँद
रात
और बाते
तुमसे
सिर्फ तुमसे ||
प्रेम
तुम ,
और सिर्फ तुम ||
प्रिया मिश्रा :)
सरल
कोमल
शांत
पवित्र
तुमसे
सिर्फ तुमसे ||
प्रेम
अनुराग
राग
चाँद
रात
और बाते
तुमसे
सिर्फ तुमसे ||
प्रेम
तुम ,
और सिर्फ तुम ||
प्रिया मिश्रा :)
Good poem
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