खाली बर्तन

एक बर्तन
जो कल भरा पड़ा था
आज खाली सा हैं
कल उसमे आनाज भरा था
सब उसे पूछते हैं
सबकी हाथो में रहता था
लेकिन आज खाली  हैं
अब कही कोने में पड़ा है
ठीक वैसे ही जैसे
आत्मा के बिना शरीर पड़ी रहती हैं ||

प्रिया मिश्रा :)

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog