"उत्सव हैं जिंदगी "

प्यार है ,
रंग है
रूप है
कभी बादल
तो कभी धुप हैं जिंदगी
रोज जी लेते है
जिंदगी को
दिन गुजारते नहीं
क्यूंकि,
उत्सव हैं जिंदगी ||

हम कोइ उत्सव नहीं मानते
उल्लास की कोइ कल्पना नहीं करते
बस खुद ही जी लेते हैं
खुद के लिए
और जिंदगी मुस्कुरा देती हैं मेरे लिए
क्युकी ,
जिंदगी कुछ और नहीं
उत्सव हैं जिंदगी ||

प्रिया मिश्रा :)

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