बिना अपेक्षाओ के हमारे रस्ते मिलते जा रहे हैं
देखना ये हैं की ,
मंजिल आएगी
या मोड़ आ जायेगा ||

मोड़ आएगा तो  कौन मुड़ेगा
किसका हाथ किस्से छूटेगा
फैसला बहोत मुश्किल होगा
जब मोड़ वो करीब होगा
या तो वो रस्ते बना देगा
या हम रस्ते बना देंगे
अगर प्रेम सच्चा होगा
तो मोड़ को ही मंजिल बना देंगे
न रस्ते आएंगे
ना कोइ मंजिल आएगी ||

प्रिया मिश्रा :)

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