आज आपको देख के
देखो न आसमान भी शरमा गया ||

 मैं आपको खूबसूरत नहीं कहना चाहता
बस इतना जान लो
चाँद आप जलने लगा हैं
शायद चांदनी भी गायब हैं
लगता हैं इस बार दो अमावश आ गया ||

आज आपको देख के
देखो न आसमान भी शरमा गया ||

वो जुलाहा  भी आज नाज करता होगा
जिसने धागे बुने,
वो धागा भी नाज करता हैं
जो साड़ी बनके आप जा सजा हैं
आँचल को संभाल के रखना
जो जमीं को छू गया,
तो वो भी शरमा जाएगी
हाय , ये बला की खूबसूरती कहाँ जाएगी
देखो ना आपके साड़ी के गोटे को देख के
जुगनू भी जगमगाना भूल गया ||

आज आपको देख के
देखो ना आसमान भी शरमा  गया ||

प्रिया मिश्रा :)

 

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