" खामोश हैं लफ़्ज क्यों "
मुझे नहीं पता
मैं क्यों तुझे याद करता हूँ
तुझमे जीता हूँ
तुझमे मरता हूँ
तेरे लिए सोचा करता हूँ
मैं ये सब तुझसे भी साँझा
करना चाहता हूँ
मगर ,
खामोश हैं लफ़्ज क्यों ?
क्यों मुझे भी खबर नहीं
क्यों तेरे ख़ुशी से ख़ुशी होती हैं
क्यों तेरे गम से रोने लगता हूँ
पता नहीं हैं
ये सब तुझसे साँझा करना चाहते हैं
मगर ,
खामोश हैं लफ़्ज क्यों ?
मैं तुम्हारे साथ
अपने जज्बात बाटना चाहता हूँ
तुझे अपनी बेतुकी बातों से
हसाना चाहता हूँ
मगर ,
खामोश हैं लफ़्ज
जाने क्यों
खामोश हैं
प्रिया मिश्रा :)
मुझे नहीं पता
मैं क्यों तुझे याद करता हूँ
तुझमे जीता हूँ
तुझमे मरता हूँ
तेरे लिए सोचा करता हूँ
मैं ये सब तुझसे भी साँझा
करना चाहता हूँ
मगर ,
खामोश हैं लफ़्ज क्यों ?
क्यों मुझे भी खबर नहीं
क्यों तेरे ख़ुशी से ख़ुशी होती हैं
क्यों तेरे गम से रोने लगता हूँ
पता नहीं हैं
ये सब तुझसे साँझा करना चाहते हैं
मगर ,
खामोश हैं लफ़्ज क्यों ?
मैं तुम्हारे साथ
अपने जज्बात बाटना चाहता हूँ
तुझे अपनी बेतुकी बातों से
हसाना चाहता हूँ
मगर ,
खामोश हैं लफ़्ज
जाने क्यों
खामोश हैं
प्रिया मिश्रा :)
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