सुनो द्रोपदी
अब मत चीत्कार करो
चलो उठो प्रयाश करो
कृष्णा न फिर जन्म लेंगे
चलो अब खुद ही पापियों का संघार करो ||

चूड़ामणि को उतार फेको
न अब पितामह  का ध्यान करो
सारी  सभा हमेशा मौन ही रहेगी
न अब किसी का इन्तजार करो
अब ना फिर सुदर्शन आएगा
सुनो द्रोपदी ,
चलो अब खुद ही पापियों का संघार करो ||

अब गांधारी के बाते ना सुनना
अब शार्प दे ही डालो
अब ज्वाला फुटनी हैं
सारे  पापी जिसमे मारे जाये
ऐसा एक और
महाभारत की शुरुआत करो
अब भीम प्रतिज्ञा न ले पायेगा
सुनो द्रोपदी ,
चलो अब खुद ही पापियों का संघार करो ||

धृतरास्त अँधा ही रहेगा
राजा खामोश ही रहेगा
सारी नारी का मान तुमको
अब ना किसी पापी का सम्मान करो
अब धनुर्धर जन्म ना लेगा
सुनो द्रोपदी ,
चलो अब खुद ही पापियों का संघार करो ||

अब धर्म संकट में हैं
फिर धर्मराज न आयंगे
पुराना  महाभारत ख़तम हुआ
अब शकुनि का संघार करो
सुनो द्रोपदी ,
चलो अब खुद ही पापियों का संघार करो ||

प्रिया मिश्रा :)

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