मैं तुझमे जीना  चाहती हूँ

मैं मुस्कुराना चाहती हूँ
मैं रोना चाहती हूँ
तुझमे डूब के
तुझमे खोना चाहती हूँ
मैं तुझमे जीना चाहती हूँ ||

मैं उड़ना चाहती हूँ
तुम्हारे पंखो से
मैं दुनिया देखना चाहती हूँ
तुम्हारी आँखों से
मैं तुझमे छिप कर रहना चाहती हूँ
मैं तुझमे जीना चाहती हूँ ||

मैं सजना - सवारना चाहती हूँ
सिर्फ तुम्हारे लिए
तुम्हारे आँखों में चमकना चाहती हूँ
मैं तुझमे जीना चाहती हूँ ||


मैं सिर्फ तुम्हारे लिए ,
एक बार खूबसूरत लगना चाहती हूँ
मैं तुझमे जीना  चाहती हूँ ||

मैं तेरे लिए तेरी डायरी के,
 शब्द बन जाना चाहती हूँ
तेरी कलम की स्याही बन जाना चाहती हूँ
मैं तेरी कविता बन जाना चाहती हूँ
मैं तेरी कहानियो में जीना चाहती हूँ
मैं तुझमे जीना चाहती हूँ ||

मुझे मेरी खयालो से निकाल के
अपनी पलकों में सजा लो
सुनो ,
मुझे खुद में बसा लो
मैं तेरी रूह में उतरना चाहती हूँ
मैं तुझमे जीना चाहती हूँ ||

मैं तेरी कैनवास पे उतर जाना चाहती हूँ
तेरी दिल की तस्बीर की तरह
रंगो में डूब  जाना चाहती हूँ
मैं तूलिका बन के
तेरी हाथो को छूना चाहती हूँ
मैं एक बार अपने ख्वाबो से निकल कर
तुझे देखना चाहती हूँ
मैं तुझमे जीना चाहती हूँ ||

प्रिया मिश्रा :)


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