कागजी फूलो से ध्यान हटा के
कभी असली फूलो को  महसूस
कर लो ,
क्या पता तुम्हारी आत्मा भी
सुंगंधित हो जाये |

कही मर न जाओ तुम चकाचौंध में बह कर
कही ये बाहरी दुनिया तुम्हे डूबा न जाए
जरा खुद से कुछ बातें कर लो
कही लाश तुम्हारी सड़ जाये |

अब ध्यान लगा लो
अपनी आत्मा की
खुसबू पे ,
क्या पता तुम्हारी आत्मा ही
सुगन्धित हो जाये ||

प्रिया मिश्रा :)

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