" समय का मुशाफिर हूँ "
मैं अकेला चला हूँ
थका हूँ थोड़ा सा
थोड़ा सा धुप भी जायदा है
लेकिन क्या करू
मैं भी तो ,
समय का मुशाफिर हूँ ||
एक गाँव को छोड़ा
दूसरे को गले लगाया
कही ठहरा नहीं
कही रुका नहीं
न किसी के आँगन का फूल बना
न किसी के आँगन का काँटा बना
हवा की तरह उड़ता रहा
मैं तो ,
समय का मुसाफिर हूँ ||
मैं आग की तरह भी जला
पानी में मिल के
शांत और शीतल भी हो गया
मैं राह - राह
भटकता रहा
लेकिन कोइ शिकायत नहीं हैं
मैं तो ,
समय का मुसाफिर हूँ ||
प्रिया मिश्रा :)
मैं अकेला चला हूँ
थका हूँ थोड़ा सा
थोड़ा सा धुप भी जायदा है
लेकिन क्या करू
मैं भी तो ,
समय का मुशाफिर हूँ ||
एक गाँव को छोड़ा
दूसरे को गले लगाया
कही ठहरा नहीं
कही रुका नहीं
न किसी के आँगन का फूल बना
न किसी के आँगन का काँटा बना
हवा की तरह उड़ता रहा
मैं तो ,
समय का मुसाफिर हूँ ||
मैं आग की तरह भी जला
पानी में मिल के
शांत और शीतल भी हो गया
मैं राह - राह
भटकता रहा
लेकिन कोइ शिकायत नहीं हैं
मैं तो ,
समय का मुसाफिर हूँ ||
प्रिया मिश्रा :)
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