"जिंदगी कुछ सवाल हैं तुझसे"

मैं भी थक चुकी हूँ
जवाब ढूंढ़ते - ढूंढ़ते
तू भी थक चुकी है
ये जिंदगी
सवाल पूछते - पूछते
तो क्यों ना ,
अब सिलसिला बदल दिया जाएँ
अब मैं क्यों न कुछ पूछ लूँ
और क्यों तू कुछ जवाब देदे
ऐ जिंदगी ,
जिंदगी कुछ सवाल हैं तुझसे ||

मुझे मेरे होने का कुछ एहसास करा दे
जिन्दा हूँ
ये हकीकत बता दे
कुछ जवाब मुझे भी देती जा
की जिंदगी ,
वो जिंदगी, कुछ सवाल हैं तुझसे ||

मेरी आधी - अधूरी सी
बातें तुझे परेशां करने लगी हैं
मैं खामोश क्यों हूँ
ये बात तुझे भी खलने लगी है
तो मेरी बातो का सिलसिला अब बढ़ा
चल अब मेरे सवालो का जवाब बता
सुन ले जिंदगी ,
की ये जिंदगी कुछ सवाल हैं तुझसे ||

प्रिया मिश्रा :)

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