मैं तुमसे बस इतना चाहता हूँ
की तुम मेरे हो
इसे समझ लो
मैं इश्क की कोइ बात नहीं करूँगा ||

मैं तुम्हारे बिना खुद की कल्पना भी नहीं कर सकता
और जिंदगी की दौड़ में तुम्हारे बिना हार सकता हूँ |
फिर भी मैं इश्क की तुमसे कोइ बात नहीं करूँगा ||

मेरी सुबह तुम्हारे बिना, अधूरी है
शाम अधूरा है
रात कही खो जाती है
और दिन उदाश रहता है
मैं अकेला हो जाता हूँ
तुम समझ रही हो
मैं खो जाता हूँ
तुम साथ रहती हो
तो मैं जीवन महसूस करता हूँ
फिर भी मैं तुमसे इश्क की कोइ बात नहीं करूँगा ||

तुमसे मिलकर एक नया जीवन सुरु हुआ हैं
इस जीवन में एक नया अध्याय खुला हैं
उस अध्याय में सिर्फ तुम्हारी कहानी है
उस कहानी को मैं दिन भर पढता रहता हूँ
मैं खुद में नहीं जीता
मैं तुम्हारी साँसों में जिन्दा हूँ
तुम समझ लेना
मैं इश्क की कोइ बात नहीं करूँगा ||

मेरे बागों का फूल
तुमसे खिलता हैं
मेरे चाय में मिठास तुमसे आती है
मेरे खाने का स्वाद तुमसे हैं
मेरे मकान की नीव तुमसे हैं
तुमसे ही घर बस्ता हैं
तुम समझ लेना बाकि का
मैं इश्क की कोइ बात नहीं करूँगा ||

प्रिया मिश्रा :)

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