बचपन में एक कहानी पढ़ी थी | शेर और खरगोश की | जिसमे एक शेर था जो रोज जानवर खा जाता था |
जानवरो ने उस से गुहार लगाई की अगर इस तरह से वो सबको खाते रहेगा तो सारे जानवर जल्द ही ख़तम हो जायेंगे फिर वो किसको खायेगा ?
शेर ने विचार किया और उसने जानवरो से पूछा?
सभी जानवरो ने सभा में तय किया की, रोज एक जानवर शेर के पास जायेगा ?
और इस तरह रोज एक जानवर जाते और शेर शिकार करता रहा |
फिर एक दिन खरगोश की बारी आई और खरगोश ने शेर को मार डाला |
आज कल वही स्थिति हमारे यहाँ की लड़कियों की हैं | फर्क बस इतना हैं शेर की जगह पे गीदड़ आ गए हैं और शिकार जानवरो की जगह पर हमारी बेटियाँ आ गयी है और जानवर समाज हमारी व्यवस्था हैं जिसने एक - एक बेटियों की बलि की छूट दे रखी हैं ||
प्रिया मिश्रा :)
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