बरसात

बरसात पहले जैसे ही हैं
तू कही भीड़ में गुम गया हैं
पहले खुद को तलाश ले
तेरा वजूद ही
तलाशे गा
वो बारिश
जिसे तेरी कागज की
कश्ती तलाशती हैं ||


प्रिया मिश्रा

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