झोपड़ी
एक झोपड़ी के चार लोग
चारो अमीरी की सड़क पे रहते हैं
और गरीब झोपड़ी वीरान हैं
कुछ कहती नहीं गूंगी हो गयी हैं
वो घास फुस्स की पुरानी झोपड़ी ||
प्रिय मिश्रा
एक झोपड़ी के चार लोग
चारो अमीरी की सड़क पे रहते हैं
और गरीब झोपड़ी वीरान हैं
कुछ कहती नहीं गूंगी हो गयी हैं
वो घास फुस्स की पुरानी झोपड़ी ||
प्रिय मिश्रा
Bahut khub
ReplyDeletethank you g :)
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