कल की सुबह ||
कल की सुबह मैं बन के जन्मा था |
हर्ष था मेरे आँगन में |
मैं था मेरी माँ के आँचल में
और सारा जहाँ था मेरे कदमो में |
मुझ पर उनका आशीष था
और वो मुझे ईश्वर का आसिष समझ रहे थे ||
प्रिया मिश्रा :)
कल की सुबह मैं बन के जन्मा था |
हर्ष था मेरे आँगन में |
मैं था मेरी माँ के आँचल में
और सारा जहाँ था मेरे कदमो में |
मुझ पर उनका आशीष था
और वो मुझे ईश्वर का आसिष समझ रहे थे ||
प्रिया मिश्रा :)
Too good
ReplyDeletethank you g :)
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