जब - जब पाप चरम पर होगा |
जब बात होगी देश के सम्मान  की |
मैं रानी लक्छमी  जन्म लुंगी |
और किसी अवतार में  ||

मेरा न कोइ सागा हैं |
मेरा न कोइ अपना सपना हैं |
मैं देश की बेटी हूँ |
सारा देश ही मेरा अपना हैं |
लड़ूंगी |
मरूंगी |
मारूंगी |
जब कोइ नाग फ़न उठाएगा |
मैं उसे कुचल दूंगी |
मैं रानी लक्छमी बाई |
मैं फिर जनम लुंगी ||

प्रिया मिश्रा :)

 

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